Ram ji ke jivan se Jude sawal

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श्री राम जी बाबा हनुमान जी सहित ब्रम्हांड के सभी देवी देवता तथा सेतु एशिया , और सभी मतंगो को मेरा नमन कृपया कर मेरा नमस्कार स्वीकार करे। मैं पहली बार कुछ लिखने जा रहा हूँ अगर लिखते समय कुछ गलती हो जाये तो मुझे माफ़ करदिजियेगा मैं तो बहुत अज्ञानी हूँ आपके बालक समान हूँ इतना ज्ञान नही है मेरे पास की मैं आपके समक्ष् कुछ लिख सकु फिर भी बाबा बजरंग बाली की कृपा से कुछ शब्द लिखना चाहता हूँ कृपा कर अपनी कृपा मुझ पर बनाये रखे और भूल चूक क्षमा करे।
मेरा नाम हेमंत है मैं यह तो नही कहूँगा की मै हनुमान जी का बहुत बड़ा या छोटा भक्त हूँ यह तो बाबा बजरंग बली ही जानते है। की मै उनका भक्त कहलाने लायक हूँ भी या नही। मैंने अबतक जितने भी अध्याय पढ़े है मुझे ऐसा लगता है की मैं बस आपके दवारा् लिखे शब्दों को देख रहा हूँ लेकिन वो सब ज्ञान की बाते तो हनुमान जी खुद मुझे सुन्ना रहे है ऐसा अनुभव होता है।

अध्याय पढ़ने के बाद कुछ सवाल मन मैं आये है मैं आशा करता हूँ की इन सवालो के जवाब मुझे ज़रूर मिलेगे जिससे मन को शांति मिले।
पहला सवाल-
मैं जब भी कोई आद्यांत्मिक कहानी या कुछ पढता सुनता हूँ मुझे ऐसा लगता है की मैं उस वक़्त वहाँ मौजूद था सब कुछ मेरे सामने ही हुआ है मुझे ऐसा क्यों लगता है।

दूसरा सवाल-
जब भगवान राम जी वैकुंट धाम लौट गए थे तब राम जी ने अपना सारा राज पाठ अपने वंशजो को सौप दिया था महाभारत मै एक प्रसंग मिलता है की राम जी के पुत्र लव कुश के वंशज कौरवो की तरफ से युद्ध मै शामिल हुए थे लेकिन राम जी के वंशजो का आज कोई पता नहीं है वो कहा है ऐसा क्या कारण है की भगवन के वंशज आज कलयुग मै उपस्तिथ नही है यही बात श्री कृणा भगवान के बारे मैं भी जानना चाहता ही कृपा कर इस बात को विस्तार से समजाए की ऐसा क्यों है की भगवान जी का वंश ऐसे लुप्त किस कारण से हुआ।।

अगर सवाल मैं किसी प्रकार की गलती हो तो माफ़ी चाहता हूँ अपना बालक समझकर क्षमा करदिजियेगा..

।।जय श्री राम जी की।।
।।जय श्री हनुमान जी की।।

Setu Speaks: 

पहला सवाल : दिव्य आत्मस्वरूप , आत्मा के अनुभव को दिमाग की सीमाओं में उठे "क्यों" में बांधना मुश्किल है |

दूसरा सवाल : जब भगवान् अवतार लेते हैं तो काल और अस्तित्व के द्रव का अति शक्तिशाली होना आवश्यक है | अस्तित्व के द्रव को आप एक नदी माने और वंश को माने नदी से निकली धारा | प्रभु के जन्म लेने में पूरी नदी खर्च हो जाती है और बाद में उसकी धारायें कमजोर होती हैं और अंततः सूख जाती हैं |

||राम||