अध्याय 21 के अनुसार देह में आत्मा का प्रवेश

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मेरे गुरुदेव हनुमानजी को उनके श्रीचरणों में इस आत्मा का प्रणाम !!
सभी सेतु संतो और मतगो को भी इस आत्मा का प्रणाम स्वीकार हो !!
मेरे मन में 21 वा अध्याय पढने के बाद एक प्रश्न उठा है कि जब एक देह गर्भ में पल रही होती है तो उसमे क्या आत्मा का प्रवेश हो चूका होता है अगर जन्म लेने कि तुरंत बाद प्रवेश लेती है तो फिर वो देह गर्भ में हलचल केसे करती है (अल्ट्रासाउंड में ,और डाक्टरों द्वारा कम्प्यूटर निरीक्षण में हलचल का आना ) जेसे कि बताया गया है कि किसी भी देह में आत्मा नही होती है तो वो एक सास लेती हुई ( एक तरह से कोमा ) देह होती है मतलब उसका कोई मूमेंट नही होता है !
एक बार पुनः गुरुदेव और सभी संतो के श्रीचरणों में इस आत्मा का प्रणाम !!!

Setu Speaks: 

जब आप सो रहे होते हैं और स्वपन देख रहे होते हैं तब भी कभी कभी आपकी देह में हलचल होती है | उसी प्रकार जो आत्मा नया जीवन लेने वाली होती है , वह आत्मा स्वपनलोक में अपने पिछले जन्मों की इच्छाओं का निस्तारण कर रही होती है ( वे अटकी हुई इच्छाएं जो नया जीवन लेने में बाधा पहुंचाती हैं ) जिसके कारण कभी कभी उसकी नई विकसित हो रही देह में हलचल होती हैं |